माँ मुझे तुम हमेशा याद आती हो
क्या अभी भी तुम कोई लोरी सुनाती हो
जानती हो जब भी मैं होता हूँ दुविधा में
तुम ही हो हर बार जो मुझको बचाती हो
आज भी मन मेरा बहुत उदास है
माँ , माँ का गोद होता कितना खास है
काश होती तुम तो कर लेती दुःख हरण
माँ तुम्हारे प्यार को तरस गए नयन
माँ मेरा अनुरोध है एक बार आ जाओ
बुझ गया जो ज्योत मन में फिर जला जाओ
कुछ करो माँ तुम हमेशा साथ ही रहो
वचन देता हूँ मानूंगा जो भी तुम कहो
टूट जाऊंगा मैं माँ आजाओ तुम यहाँ
चरणों में ही है तुम्हारे मेरा ये जहाँ .