गाँधी जी
आपके आदर्श अब किताबों में हैं
कुछ सवालों में हैं कुछ जवाबों में हैं
हर एक दिल में आप हो या न हो
हर शहर में तो एक रोड है आपका
लगता फिर क्यूँ है बापू अनाथों का देश
मन में कुंठा भरा है क्यूँ पश्चाताप का.......................
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सपना जब पुरा नहीं होता तो कुंठा होती है..यही हाल हमारा है....गांधी का बुत तो है..पर गांधी का जीवन गायब है..क्योंकी हम बुत हैं तो गांधी का भी तो बुत ही बनाएंगे
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