प्यार
इश्क
और मोहब्बत
इनमे से कोई नहीं
जवाब इनमे से कोई नहीं
मेरे बर्बादी का कारण जवाब कुछ और है
बर्बादी के दौर में ये दिल मांगे मोर है
24 March, 2010
गजोधर अगर रिसर्च में होते ..........
गजोधर अगर रिसर्च में होते , तो उनके बॉस होते राजू
और सोंचिये क्या होता जब दोनों बैठते आजू
बाजू गजोधर कहते सर हर पब्लिकेशन में आप मेरा नाम लेते
हो पर मुझे phd की डिग्री नहीं देते
हो राजू कहते बेटा डिग्री लेके क्या करोगे
एक और educated बेरोजगार बन के मरोगे
इस से अच्छा है मेरे प्रयोग जारी है
कोई न कहे मरने वाला गजोधर डिग्री धारी है ....................
और सोंचिये क्या होता जब दोनों बैठते आजू
बाजू गजोधर कहते सर हर पब्लिकेशन में आप मेरा नाम लेते
हो पर मुझे phd की डिग्री नहीं देते
हो राजू कहते बेटा डिग्री लेके क्या करोगे
एक और educated बेरोजगार बन के मरोगे
इस से अच्छा है मेरे प्रयोग जारी है
कोई न कहे मरने वाला गजोधर डिग्री धारी है ....................
21 March, 2010
मैं एक शोध छात्र
कोल्हू का बैल , पिंजड़े में बंद तोता , या फिर मेढक कुछ भी बनाता
मुझको पर प्रयोगशाला में अपना वजूद समझ नहीं आता है
ये कैसा संगीत तू मुझसे बजवाता है जिसमे सुर है न ताल है
श्रोता और संगीतकार दोनों बहाल है
हाँथ में test tube और ये सफ़ेद apron
जैसे खुद के मौत पे मेरा पांच वर्ष का मौन
मुझको पर प्रयोगशाला में अपना वजूद समझ नहीं आता है
ये कैसा संगीत तू मुझसे बजवाता है जिसमे सुर है न ताल है
श्रोता और संगीतकार दोनों बहाल है
हाँथ में test tube और ये सफ़ेद apron
जैसे खुद के मौत पे मेरा पांच वर्ष का मौन
24 February, 2010
मौत के आगोश में भी जिन्दगी से प्यार हो

तुम चुरा रहे नज़र मैं भी हूँ तुमसे अजनबी
की अंत तो होना ही है और सत्य तो यही राख है
मिट्टी में मिलने से बचने के बहाने लाख हैं
मुट्ठी में समेटना संसार मैं भी चाहता
सब कुछ समां जाए मुझी में आकर ऐसा चाहता
चाहता हूँ
जीत हो मेरी और जय जय कार हो
मौत के आगोश में भी जिन्दगी से प्यार हो
जो भी प्रश्न उठ रहे उत्तर उसके हज़ार हों ...........
Subscribe to:
Posts (Atom)
-
जब गिरती है कोई गगन चुम्बी इमारत तब साथ गिरते हैं आस पास के मकान भी और धुल चाटती है ऐसे में ईमानदारी की झोपड़ी इसे सामूहिक निषेध कहते हैं इसी...
-
शिव है या फिर है शव मौन या सुखद कलरव उस चैतन्य का मैं पुजारी हूँ मिला जो जीवन आभारी हूँ की आभास उसका मुझे कण कण में है उसकी छाप मेरे हर वचन ...
-
कुछ यादों को समेटे कुछ सपनो को संजोये मैंने असंख्य बीज़ अपने ह्रदय में बोये हर शख़्स जो मिला मुझे जीवन के पगडण्डी पर कु...